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Gaay ka ghee aur bhes ka ghee कौन-सा घी स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा है?

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Gaay ka ghee aur bhes ka ghee: कैसे पता करें कि कौन-सा घी स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा है? गाय का घी बनाम भैंस का घी, desi ghee benefits गाय के घी और भैंस के घी में अंतर, is ghee good for health आयुर्वेदिक पद्धति से Ghee Ke Fayde Aur Nuksan के बारे में जानते हैं।

Gaay ka ghee aur bhes ka ghee
Gaay ka ghee aur bhes ka ghee

गाय के घी और भैंस के घी में अंतर (Gaay ka ghee aur bhes ka ghee)

आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज करने वाले सभी डॉक्टर अपने मरीजों को घी (Ghee) खाने की सलाह देते हैं, सिवाय उन मामलों को छोड़कर जहाँ रोगी के लिए चिकनाई लेना मना है। मां, दादी और दादी भी घर में देसी घी खाने की सलाह (Desi ghee benefits) देती हैं। कई बार इनके साथ घी न खाने की वजह से हमारा झगड़ा हो जाता है।

क्योंकि ज्यादातर युवा यही सोचते हैं कि घी का मतलब फैट होता है और फैट का मतलब वजन बढ़ना। जबकि ऐसा नहीं है। क्योंकि घी के बारे (Ghee Ke Bare Me) में ऐसी सोच अधूरी जानकारी के कारण ही होती है। अगर कोई आपसे कहे कि घी खाने से चर्बी कम नहीं होती है!

तो आप निश्चित रूप से इस पर विश्वास नहीं करेंगे। यहाँ आपको गाय और भैंस के घी (Gaay ka ghee aur bhes ka ghee) में अंतर बताया जा रहा है, साथ ही बताया जा रहा है कि स्लिम होने के लिए कौन-सा घी खाना चाहिए और weight बढ़ाने की चाहत रखने वालों को कौन-सा घी खाना चाहिए?

गाय का घी खाने के फायदे (Gaay ke Ghee)

1-गाय का घी (Gay ke Ghee) कई तरह के विटामिन से भरपूर होता है। इसके सेवन से विटामिन-ए, डी, ई, के और एंटीऑक्सीडेंट प्राप्त होते हैं।

2-Cow ke Ghee खाने से जल्दी बुढ़ापा और कुछ प्रकार के कैंसर से भी बचाव होता है। क्‍योंकि इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्‍सीडेंट फ्री रेडिकल्स की मात्रा को बढ़ने नहीं देते हैं। ये फ्री रेडिकल्स शरीर को अंदर से नुकसान पहुँचाने का काम करते हैं।

3-गाय का घी वजन कम करने का काम करता है क्योंकि यह Body में अतिरिक्त चर्बी को जमा नहीं होने देता है।

भैंस का घी खाने के फायदे (Bhains ka ghee)

1-भैंस के दूध (Bhains ke Doodh) से बना घी मोटापा बढ़ाने का काम करता है। (Motapa Kam kaise) यह उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है जो बहुत दुबले-पतले हैं और वजन बढ़ाना चाहते हैं।

2-Bhains ka ghee हड्डियों को मजबूत करने का काम करता है। अगर आप बॉडी बिल्डिंग या मसल्स बिल्डिंग करना चाहते हैं तो भैंस का घी आपके लिए ज्यादा फायदेमंद होगा।

3-जिन लोगों को अधिक कमजोरी महसूस होती है और वे थके हुए हैं, उन्हें भी Bhains ka ghee का सेवन करना चाहिए। क्योंकि पोटेशियम-मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे गुण शरीर में रक्त के प्रवाह को बनाए रखते हैं और ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने में madat करते हैं।

Gaay ka ghee aur Bhains ka ghee (गाय और भैंस के घी में अंतर)

1-गाय के घी का रंग हल्का पीला होता है जबकि भैंस के दूध से बना घी पूरी तरह सफेद होता है।

2-Gaay ka ghee में वसा न के बराबर होती है जबकि भैंस के घी में वसा की मात्रा अधिक होती है।

3-गाय के घी में विटामिन, खनिज और कैल्शियम पाया जाता है, जबकि भैंस के घी से मैग्नीशियम, पोटेशियम और फास्फोरस पाया जाता है।

4-भैंस के घी (Bhains ka ghee) में पोषक तत्व गाय के घी के मुकाबले काफी कम होते हैं।

Disclaimer:

इस लेख में वर्णित विधियों, विधियों और दावों को केवल Suggestion के रूप में लिया जाना है, Hindi All India World उनकी पुष्टि नहीं करता है। इस तरह के किसी भी उपचार / दवा / आहार और सुझाव का पालन करने से पहले, कृपया Doctor या सम्बंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Read:- Aankho Ki Bimari के लिए भोजन ।। विटामिन से भरपूर आहार आँख की बीमारी करे फायदा

चींटियों पर शोध ।। chitiyon ka jeevan |। चींटियों के बारे में जानकारी

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Chitiya ka jeevan: चींटियों की आबादी का पता लगाया मानव जीवन के लिए चींटियाँ कैसे महत्त्वपूर्ण हैं चींटी अनुसंधान परियोजना chitiyon ke bare mein चींटियों पर शोध: इंसानों से कई गुना ज्यादा है चींटियों की आबादी, ये बातें जानकर उड़ जाएंगे उड़े

chitiyon ka jeevan
chitiyon ka jeevan

पृथ्वी पर chitiyon ka jeevan

पृथ्वी पर कितनी चींटियाँ हैं अगर आप अपने किचन में चीटियाँ देखते हैं, तो आप इनसे छुटकारा पाने का उपाय ढूँढ रहे होंगे, लेकिन वैज्ञानिकों ने इन chitiyon ke bare mein में बताया है कि अगर चींटियाँ धरती से खत्म हो जाएँ तो जीवन खत्म होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।

आज वैज्ञानिकों की बात सुनकर दुनिया के मशहूर जीवविज्ञानी Edward O Wilson के शब्द याद आ जाते हैं कि वास्तव में इस धरती को छोटे-छोटे जीव ही चला रहे हैं और उनकी बात बिल्कुल सही है। विल्सन के इस कथन की पुष्टि के लिए chitiyon ka jeevan ही काफी हैं।

चींटियाँ क्या भूमिका निभाती हैं? (chitiya Life)

हम सभी जानते हैं कि chitiyon खाद्य शृंखला में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके साथ ही ये मिट्टी में हवा के स्तर को बनाए रखते हैं। चींटियाँ जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल कार्बनिक पदार्थों में बदल देती हैं। वे अन्य जीवों के रहने के लिए भी जगह बनाते हैं।

यह बीज के क्षण में भी काम करता है। चींटियाँ (chitiyon) जमीन में शुष्क कार्बन की मात्रा बढ़ा देती हैं। चींटियाँ समूहों में काम करती हैं। इसके साथ ही ये पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। chitiyon एक ऐसा जीव है जो हर जगह पाई जाती है। हर प्रकार के आवास में उनका निवास स्थान है।

chitiyon जनसंख्या की गणना कैसे की गई?

अब आते हैं उस बिंदु पर जहाँ से हमने इस खबर की शुरुआत की थी। आखिर धरती पर चींटियों की आबादी कितनी है? जनसंख्या की बात करते हुए आपके मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि शोधकर्ता ने इनकी गणना कैसे की होगी? आपको बता दें कि chitiyon की गणना के लिए शोधकर्ता ने कई भाषाओं के साहित्य का संदर्भ लिया।

इनमें स्पेनिश, फ्रेंच, जर्मन, रूसी, मंदारिन और पुर्तगाली में पेपर शामिल थे। वैज्ञानिकों ने करीब 498 पेपरों का गहराई से अध्ययन किया क्योंकि सैंपल लेकर चींटियों (chitiyon) पर नजर रखना आसान नहीं था।

वैज्ञानिकों ने अध्ययन के आधार पर जो पाया, उसकी आबादी 200 लाख करोड़ बताई गई, साथ ही यह भी पाया गया कि पृथ्वी पर chitiyon की लगभग 15700 प्रजातियाँ और उप-प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें से कुछ का नाम भी अभी तक नहीं है। रखा गया है। उनकी आबादी का पता लगाने के लिए ड्राई कार्बन की भी जांच की गई।

और अधिक पढ़ें:- Aankho Ki Bimari के लिए भोजन ।। विटामिन से भरपूर आहार आँख की बीमारी करे फायदा

Aankho Ki Bimari के लिए भोजन ।। विटामिन से भरपूर आहार आँख की बीमारी करे फायदा

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आंख की बीमारी के लिए भोजन, विटामिन ए से भरपूर आहार और भोजन जो Aankho Ki Bimari के लिए फायदा कर सकते है। आंखों को स्वस्थ और मजबूत कैसे बनाएँ? आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए शाकाहारी भोजन कौन-सा हो सकता है? कौन-सा विटामिन आंखों की रोशनी के लिए अच्छा है? आंखों को स्वस्थ और मजबूत बनाने के लिए आपको कौन-सा हेल्दी डाइट लेनी चाहिए? आजा Aankho Ki Bimari के लिए भोजन पर प्रकाश डालने वाले है आप इसे पूरा जाने।

आंख की बीमारी (Aankho Ki Bimari)
आंख की बीमारी (Aankho Ki Bimari)

आंखों को स्वस्थ और मजबूत कैसे बनाएँ: (Aankho ko majbut banaye)

आजकल टीवी, फोन और Computer-Laptop ने स्क्रीन टाइम बढ़ा दिया है। इससे आंखों (Aankho) पर बुरा असर पड़ रहा है। लंबे समय तक इन चीजों का इस्तेमाल करने से आंखें और मांसपेशियाँ (Muscles) कमजोर हो जाती हैं। ऐसे में Aankho Ki Bimari के लिए स्वस्थ और मजबूत बनाने के लिए आपको हेल्दी डाइट लेनी चाहिए।

आपको Vitamin A से भरपूर चीजें खानी चाहिए। आंखों को स्वस्थ (Eyes Healthy) रखने के लिए विटामिन ए बहुत जरूरी है। इसके लिए आप अपने आहार में नारंगी रंग के फल और सब्जियों को शामिल करें। नारंगी रंग के फलों और सब्जियों में भी vitamin C और B होता है। जानिए आँख की बीमारी को स्वस्थ बनाने के लिए किन खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करना चाहिए।

आंख की बीमारी के लिए आहार (Aankho Ki Bimari frood)

1-गाजर (Aakho ke liye gajar) :-आंखों को स्वस्थ (Healthy Eyes) रखने के लिए गाजर का सेवन करें। गाजर Vitamin A से भरपूर होती है, जो आंखों को स्वस्थ रखती है। रोजाना एक मध्यम आकार की गाजर (Gajar) खाएँ। इससे आप अपनी Vitamin A की दैनिक जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।

2-खूबानी (apricots) :-खुबानी एक बहुत ही स्वादिष्ट फल है। इसमें Potassium, Vitamin C, Fiber, Vitamin A, Beta Carotene और Lycopene होता है। इससे आंखें स्वस्थ रहती हैं।

3-कद्दू (Aankho ke liye Pumpkin) :-कद्दू के बीज और कद्दू में Vitamin A होता है। ऐसे में आंखों को स्वस्थ रखने के लिए कद्दू का सेवन करें। कद्दू खाने से वजन कम करने में भी मदद मिलती है।

4-पपीता (Papita Aankho ke liye khaye) :-पपीता हर मौसम में आसानी से मिलने वाला फल है। Papita जरूर खाना चाहिए। पपीते में विटामिन-सी (vitamin C) और विटामिन ए (Vitamin A) पाया जाता है। जो आंखों के लिए फायदेमंद होता है।

5-संतरा (Aankho ki bimari ke liye Santra) :-संतरे में विटामिन-सी (Vitamin C) के साथ विटामिन ए (Vitamin A) भी पाया जाता है। संतरा खाने से कैल्शियम की कमी भी पूरी होती है। आपको रोजाना एक संतरा खाना चाहिए।

अस्वीकरण:

Hindi All India World इस लेख में बताए गए तरीकों, तरीकों और दावों की पुष्टि नहीं करता है। इन्हें केवल Sujhao के रूप में लें। ऐसे किसी भी उपचार / दवा / आहार का पालन करने से पहले, कृपया Doctor से परामर्श लें।

Read More:- Machhar Marne Ki Dawai || मच्छर भगाने के घरेलू उपाय || मच्छरों के काटने से कैसे बचें

Machhar Marne Ki Dawai || मच्छर भगाने के घरेलू उपाय || मच्छरों के काटने से कैसे बचें

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Machhar Marne Ki Dawai क्या हो सकती है? कैसे बचा जा सकता है? मच्छर अधिकतर बरसात और गर्मी में मच्छरों से परेशान होकर हम किसी बीमारी के शिकार न बने, इसलिए आज आप इस जानकारी के माध्यम से जानेंगे। मच्छर भगाने के घरेलू उपाय, ताकि मच्छर के काटने से बचा जा सके, चलिए कुछ महत्त्वपूर्ण फॉर्मूला को अजमा का आप मच्छरों से बचाव कर सकते हैं और आसानी से Machhar Marne Ki Dawai का उपयोग करके और घरेलू उपाय को इस्तेमाल करके मच्छर से बचा जा सकता है।

machhar marne ki dawai
machhar marne ki dawai

मच्छर भगाने के घरेलू उपाय Machhar Bhagane ke upay

मच्छर सिर्फ जलन ही नहीं करते बल्कि सेहत के लिए भी खतरनाक होते हैं। इनका दंश न सिर्फ उन्हें बीमार बनाता है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। ऐसे में घर में हर वह तरीका अपनाना चाहिए जिससे मच्छर (Machhar Marne Ki Dawai) घर के अंदर न आ सकें (DIY Mosquito Repellent) ।

यदि यह उपाय हर्बल और प्राकृतिक है तो यह स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा होगा क्योंकि बाज़ार में Machhar Marne Ki Dawai उपलब्ध अधिकांश मच्छर भगाने वाले रसायन रासायनिक या मिट्टी के तेल पर आधारित होते हैं।

इनके इस्तेमाल से मच्छर तो ​​भाग जाते हैं, लेकिन सांस लेने, खांसी, नींद न आने जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं। यहाँ आपको मच्छरों से छुटकारा पाने (Machhar se chutkara) के कुछ मच्छर भगाने के घरेलू उपाय बताए जा रहे हैं, जो सेहतमंद भी हैं और पॉकेट फ्रेंडली भी।

Machar Katne Se Kaise Bache? मच्छरों के काटने से बचें

1-गुग्गुल की धूप बनाएँ (Guggul Ka Upyog) : अगर आपके घर में पूजा होती है तो गुग्गुल के बारे में तो आप जानते ही होंगे। मच्छरों से छुटकारा पाने (Machar Katne se bachne) का यह एक प्राकृतिक उपाय है। शाम को घर में दीपक जलाते समय आपको गुग्गुल की धूप भी करनी चाहिए। इससे घर में मच्छर भी नहीं आते और नकारात्मकता भी घर से दूर रहती है। इसका धुआं घर के वातावरण को शुद्ध करता है और हवा में मौजूद हानिकारक वायरस को भी खत्म करता है।

2-लेमन ग्रास ऑयल (Lemon Grass Oil) : अगर घर में छोटे बच्चे हैं और आप धूम्रपान नहीं करना चाहते हैं तो लेमन ग्रास का इस्तेमाल करें। इस तेल का इस्तेमाल घर पर ऑयल डिफ्यूज़र के साथ करें। घर में भी महक आती रहेगी और (Machhar Bagane) मच्छर नहीं आएंगे। ध्यान रहे कि तेल असली हो, तभी यह काम करेगा।

3-नीम और नारियल का तेल (Neem and Coconut Oil) : बराबर मात्रा में नीम और नारियल (Neem and Coconut) का तेल मिलाएँ। इस तेल को सोने से पहले हाथ-पैर धोने के बाद लगाएँ और फिर सो जाएँ। आपके आस-पास मच्छर भी नहीं काटेंगे।

4-कपूर जलाएँ (Kapoor) : घर में सोने से पहले कपूर जलाएँ। खासकर आपके सोने के कमरे में। यह जलता है और थोड़े समय में बंद हो जाता है लेकिन कुंडल की तरह काम करता है। आप कपूर को कमरे में जलाकर लगभग 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। इससे (Machhar Marne Ki Dawai) मच्छर तुरंत भाग जाएंगे और आप चैन की नींद सो पाएंगे। लेकिन ध्यान रहे कि आपको कपूर का सेवन करना है ताकि उसकी महक पूरे कमरे में फैल जाए। यहाँ धुंआ आंखों में नहीं जाता।

Machhar marne ki dawai ka upyog

अब हम विशेष का मच्छर मारने की दवाई की बारे में जानते हैं जो आपको 2 मिनट में मच्छरों से छुटकारा कर सकता है। कुछ महत्त्वपूर्ण जानते हैं जैसे नीम का तेल, कपूर और तेजपत्ता

  1. सबसे पहले नीम के तेल में कपूर मिलाकर एक स्प्रे बोतल में भरने अब इन मिश्रण का तेज पत्तों पर स्प्रे करें और तेज पत्तों को जलाने तेजपत्ता का धुआं सेहत के लिए किसी भी प्रकार से हानिकारक नहीं होता है । इसमें के असर से मच्छर आश्चर्यजनक रूप से घर से रघु चक्का हो जाएगा।
  2. सोते समय कुछ दूरी पर आप के सिरहाने कपूर मिले नीम के तेल का दीपक जलाएँ इससे भी मच्छर आपके आसपास नहीं आएगा। यह भी मच्छर मारने को भगाने का उपाय है।
  3. नीम तेल नारियल तेल, लोंग तेल, पिपरमेंट तेल और नीलगिरी के तेल को वापस में समान मात्रा में मिला और एक बोतल में भरकर रखें। रात को सोते समय त्वचा पर लगाएँ निश्चिंत होकर सो जाए. क्रीम से भी ज्यादा प्रभावी है जो मच्छर मारने की (Machhar marne ki) घरेलू दवाई के रूप में उपयोग कर सकते हैं।

Disclaimer:

इस लेख में वर्णित विधियों और दावों को केवल सुझाव के रूप में ले, Hindi All Indioa World उनकी पुष्टि नहीं करता है। ऐसे किसी भी उपचार / दवा / आहार का पालन करने से पहले, कृपया डॉक्टर से परामर्श लें।

और अधिक हेल्थ टिप्स पढ़ें: Helth tipss

Essential & Massage Oil का उपयोग || Hair Ke Liye Best Oil आराम देने वाला

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Essential & Massage Oil, Hair Ke Liye तेल का उपयोग कैसे करें? आजकल Essential Oil का इस्तेमाल करने का चलन है। छोटे पैक में आने वाले ये सुगंधित तेल (Essential Oil) बहुत काम आते हैं। आप इन तेलों को आइस डिफ्यूज़र में रख सकते हैं, यह पूरे घर में एक बहुत ही नरम और सुखद सुगंध फैलाता है। आप इन आवश्यक तेलों (Oils) को नहाने के पानी में मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

Essential & Massage Oil
Essential & Massage Oil

मालिश एक आराम देने वाला तेल (Massage Ke Liye Oil)

Hair Ke Liye Best Oil के लाभ इस तेल के इस्तेमाल से मूड अच्छा रहता है और Happy Hormones बनते हैं। यह चिंता को भी कम करता है -खासकर Night में ये काफी अच्छा फील देते हैं। रात में ये स्लीप थेरेपी की तरह काम करते हैं, जिससे जल्दी नींद आने में मदद मिलती है।

Essential Oil के इस्तेमाल से स्ट्रेट भी कम होता है और नकारात्मकता दूर होती है। एसेंशियल ऑयल (essential oil) के इस्तेमाल से घर में बैक्टीरिया और वायरस मर जाते हैं और रूम फ्रेशनर का काम करते हैं। -आवश्यक Oil सिरदर्द में भी राहत देता है। आप इसे बूंद नाक में डाल सकते हैं या त्वचा पर भी लगा सकते हैं।

सबसे लोकप्रिय आवश्यक तेल वैसे आप अपनी पसंद के अनुसार कोई भी Essential Oil खरीद सकते हैं। सबसे अधिक बिकने वाली और लोकप्रिय सुगंधों में लैवेंडर, लेमनग्रास, रोज़मेरी, पेपरमिंट चामोलिन और ऑरेंज शामिल हैं। ये आवश्यक तेल फूलों या किसी जड़ी बूटी के सार से बने होते हैं और पूरी तरह से हर्बल या विषाक्त मुक्त होते हैं।

मालिश के लिए तेल (Massage oils)

मालिश (Massage) एक आराम देने वाली थेरेपी है। ये शारीरिक और मानसिक (Physical and Mental) तनाव को कम करने का काम करती है। मालिश से अधिक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के लिए, सही मालिश के तेल (Massage oils) का चुनाव करना भी जरूरी है। आइए जानें कौन से तेल मालिश के लिए लाभदायक हैं।

Massage या फिर कहें कि मालिश एक आराम देने वाली थेरेपी है। ये शारीरिक और मानसिक (Physical and Mental) तनाव को कम करने का काम करती है। ये आयुर्वेद के कारण India में लोकप्रिय है, लेकिन अन्य संस्कृतियों का भी हिस्सा रही है। ये मांसपेशियों को मजबूत करती है। ये कई बीमारियों का इलाज कर सकती है।

ये हड्डियों (Bones) को मजबूत बनाने, नींद की गुणवत्ता बढ़ाने, शरीर को टोन करने, मन (Man) को शांत करने और पेट की समस्याओं को रोकने में मदद कर सकती है। लेकिन मालिश से अधिक Health Benefit प्राप्त करने के लिए, सही मालिश के तेल (Massage oils) का चुनाव करना भी जरूरी है। आइए जानें कौन से तेल मालिश के लिए लाभदायक हैं।

तेल मालिश के लिए लाभ (Benefits Of Oil Massage)

1-जैतून का तेल (olive oil) : जैतून का तेल हल्की Massage के लिए काफी अच्छा है। ये त्वचा में बहुत धीरे-धीरे अवशोषित होता है। ये तेल आपकी मांसपेशियों को आराम देने का काम करता है। ये Blood Circulation को भी बढ़ाता है, दर्द, Muscles में ऐंठन और किसी भी दर्द या सूजन को कम करता है। इसके अलावा, इस तेल को नियमित रूप से इस्तेमाल करने से त्वचा को Oxidative तनाव से बचा सकते हैं।

2-तिल का तेल (Sesame oil) : हड्डियों का मजबूत होना बहुत ही जरूरी है। आपकी हड्डियों को मजबूत (Strengthen Bones) बनाने के लिए तिल के तेल से बेहतर कुछ नहीं है। ये तेल तिल में होता है। ये Copper, Magnesium, Calcium, हेल्दी ओमेगा-3 फैट और प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है। तिल के तेल (Sesame oil) से मालिश करने से आपकी हड्डियाँ मजबूत होती हैं और दिमाग शांत होता है। ये आपकी त्वचा को Moisturize करने में भी मदद करता है। Vitamin E से स्ट्रेच मार्कस कम किए जा सकते हैं।

3-नारियल का तेल (Coconut Oil) : नारियल का तेल त्वचा को Hydrate करने में मदद करता है। प्राचीन समय से ही लोग इस तेल का इस्तेमाल चमकदार बालों (Shiny Hair) के लिए करते आए हैं। इसमें एंटी बैक्टिरीयल और एंटी-फंगल (Anti Bacterial and Anti Fungal) गुण होते हैं। इसमें Moisturizing गुण होते हैं, जो आपकी त्वचा को साफ करने में मदद करते हैं। तेल को क्लींजर और लिप बाम के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

मालिश के लिए तेल (Massage Oil)

4-बादाम का तेल (Badam oil) : बादाम का तेल भी एक लोकप्रिय Essential Oil & मालिश का तेल है। ये हल्का पीले रंग का होता है। ये तेल ज्यादा चिपचिपा नहीं होता और इतनी महक भी नहीं देता। ये त्वचा में जल्दी अवशोषित हो जाता है। ये Vitamin E से भरपूर होता है, जो त्वचा को यूवी किरणों से बचाने का काम करता है। इसमें एंटीफंगल (Antifungal) गुण दाद, एक्जिमा और सोरायसिस (Eczema and Psoriasis) जैसे अन्य फंगल संक्रमणों को दूर करने में मदद कर सकते हैं।

5-सरसों का तेल (mustard oil) : सरसों का तेल थोड़ा चिपचिपा हो सकता है, लेकिन ये मालिश करने के लिए (Massage Oil) सबसे अच्छे तेल में से एक है। ये सूजन और दर्द को कम करने में मदद कर सकता है। खासतौर पर सर्दियों में गर्म सरसों के तेल को त्वचा पर लगाने से रूखी त्वचा (Dry Skin) से बचा जा सकता है। इसमें मौजूद कंपाउंड कैंसर कोशिका (Cancer Cell) बढ़ने से रोकने में मदद करते हैं। ये बालों और त्वचा के लिए हेल्दी हो सकता है। आपको अपनी आंखों के पास सरसों का तेल लगाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे जलन हो सकती है।

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शरीर की मालिश करने का सही तरीका (Right way Body massage)

Right way Body massage: नहाने से 30 मिनट पहले सुबह अपने शरीर की मालिश (Body massage) करने का समय सही है। अपने हाथ में थोड़ा-सा तेल लें और धीरे-धीरे अपने पूरे शरीर की 15 मिनट तक मालिश (massage) करें, जिससे तेल त्वचा में समा जाए. प्रभावी परिणाम के लिए आप इसका इस्तेमाल एक महीने तक कर सकते है।

Read More Some:- Mouth Cancer Ke Lakshan कारण और उपचार || मुंह के कैंसर

पंजाब के सीएम भगवंत मान की दुल्हन Dr Gurpreet Kaur Important jankari

Punjab Chief Minister Bhagwant Mann की दूसरी बार शादी Dr Gurpreet Kaur के बारे में जानते हैं महत्त्वपूर्ण जानकारी, आम आदमी पार्टी की 48 वर्षीय नेता Dr Gurpreet Kaur से चंडीगढ़ में अपने आवास पर एक निजी समारोह, शादी राज्य की राजधानी में सिख रीति-रिवाज से।

Punjab Chief Minister Bhagwant Mann/Gurpreet Kaur
Punjab Chief Minister Bhagwant Mann/Gurpreet Kaur

bhagwant mann 2015 में अपनी पहली पत्नी से अलग हो गए, जिसके साथ उनके दो बच्चे हैं। मान की 21 वर्षीय बेटी सीरत और 17 वर्षीय बेटा दिलशान अपनी पहली शादी से अमेरिका से आए, जब उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

राज्य के मंत्री Harpal Singh Cheema, Harjot Bains और Aman Arora के साथ-साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता Raghav Chadha ने ट्विटर पर मान को बधाई दी। Punjab Congress President अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने भी मान को बधाई दी क्योंकि वह “new chapter in your life” शुरू करने के लिए तैयार हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री की होने वाली पत्नी डॉ गुरप्रीत कौर

डॉ कौर ने लगभग 4 साल पहले मुल्लाना में महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय (MMU) से MBBS किया था। उसने 2013 में MBBSके लिए दाखिला लिया था और 2018 में पूरा किया, परिवार के पड़ोसियों ने PTI को बताया। कहा जाता है कि वह वर्तमान में एक चिकित्सक के रूप में कार्यरत हैं।

32 वर्षीय Dr Gurpreet Kaur हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के Pehowa क्षेत्र के एक गाँव की रहने वाली हैं। उनके पिता Inderjit Singh Nut एक किसान हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह इससे पहले Madanpur गाँव के सरपंच रह चुके हैं। उनकी माँ गृहिणी हैं।

वह अपने family की तीन बहनों में सबसे छोटी हैं। परिवार के करीबी लोगों का दावा है कि दोनों बड़ी बहनें विदेश में सेटल हैं। गुरप्रीत कौर के पड़ोसियों ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें प्यार से “GOPI” ‘ कहा जाता है और वह एक दयालु, देखभाल करने वाली, बुद्धिमान युवती है। पड़ोस की कई युवतियों ने कहा कि वे बहुत खुश हैं कि “गोपी दीदी” की शादी हो रही है और वह भी मुख्यमंत्री से।

पंजाब के मुख्यमंत्री bhagwant mann

पंजाब के मुख्यमंत्री, भगवंत मान 7 जुलाई, 2022 को दूसरी बार शादी, वह चंडीगढ़ में Dr Gurpreet Kaur से शादी, पंजाब के सीएम भगवंत मान ने 6 साल पहले अपनी पहली पत्नी Inderpreet Kaur को तलाक दे दिया था। उनकी होने वाली पत्नी गुरप्रीत कौर।

Dr Gurpreet Kaur पंजाब के सीएम bhagwant mann की होने वाली पत्नी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, सिवाय इसके कि वह पेशे से डॉक्टर हैं और चंडीगढ़ में रहती हैं।

भगवंत सिंह मान का जन्म

भगवंत सिंह मान का जन्म 17 अक्टूबर 1973 को हुआ था। वे पंजाब के 17वें मुख्यमंत्री बने। वह पंजाब के कैबिनेट मंत्रालय का नेतृत्व करते हैं। वह अपने पिछले करियर उद्यम में एक actor थे। उन्होंने पंजाब के संगरूर निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य के रूप में दो बार सेवा की। उन्होंने 2022 में इस पद से इस्तीफा दे दिया। 2017 में मान को आप पंजाब का संयोजक नियुक्त किया गया था।

साल 2022 मार्च में पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले, आम आदमी पार्टी ने उन्हें पंजाब के लिए अपना सीएम चेहरा घोषित किया और चुनाव लड़ा। bhagwant mann गुरप्रीत कौर की शादी के बारे में अधिक अपडेट के लिए पाठकों को पेज को रिफ्रेश करते रहना चाहिए।

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Mouth Cancer Ke Lakshan कारण और उपचार || मुंह के कैंसर ||

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Mouth Cancer Ke Lakshan: मुंह का कैंसर ज्यादातर पुरुषों में पाया जाने वाला कैंसर है। Jiase Ki Mouth Cancer काफी आम है, लेकिन अगर आपको मुंह के कैंसर के लक्षणों के बारे में पता नहीं है या आप उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। Mouth Cancer Ke Lakshan जो मुंह में होता है। गालों और मसूड़ों का इलाज करके इसे ठीक किया जा सकता है। इसे एक प्रकार का सिर और गर्दन का Cancer भी कहा जा सकता है।

Mouth Cancer Ke Lakshan

डॉक्टरों का कहना है कि मुंह का कैंसर (Mouth Cancer) एक इलाज योग्य बीमारी है। इसे ठीक किया जा सकता है। अगर समय रहते इस पर ध्यान दिया जाए। मुंह के कैंसर के लक्षणों (Mouth Cancer Ke Lakshan) को समय रहते पहचानना आपके लिए जरूरी है। आइए जानते हैं मुंह के कैंसर के लक्षण और किन लोगों को इसका ज्यादा खतरा होता है।

मुंह के कैंसर (Mouth Cancer) का कारण

Mouth Cancer Karan: शरीर में आनुवंशिक परिवर्तन के कारण कोशिकाएँ बढ़ने लगती हैं और वे ट्यूमर बन जाती हैं। ये कोशिकाएँ tumor का रूप ले लेती हैं और शरीर के किसी भी हिस्से में फैल सकती हैं। मुंह के कैंसर का सबसे आम कारण स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा है। ज्यादा शराब पीने, सिगरेट पीने या तंबाकू खाने से Mouth Cancer का खतरा बढ़ जाता है।

Ask Your Q. Helthe Tips

Mouth Cancer Ke Lakshan

मुंह के कैंसर के लक्षण: इसके Lakshan शुरुआत में नजर नहीं आते हैं। जो लोग धूम्रपान करते हैं और शराब पीते हैं उन्हें नियमित जांच करवानी चाहिए। इसके अलावा जो लोग तंबाकू खाते हैं उन्हें मुंह के कैंसर का खतरा ज्यादा होता है। दंत चिकित्सक शुरुआत में आपके Mouth Cancer का पता लगा सकता है।

  1. मुंह में छाले और गले में गांठ का अहसास।
  2. जीभ या मुंह पर धब्बे।
  3. कभी-कभी मसूड़े मोटे हो जाते हैं।
  4. कैंसर होने पर मुंह से खून आता है।
  5. दांत ढीले होने लगते हैं।
  6. जबड़े में सूजन हो जाती है।
  7. मुंह के कैंसर में कान में दर्द होता है।
  8. मुंह को पूरी तरह से खोलने में समस्या होती है।
  9. मुंह के कैंसर में गले में खराश होती है।
  10. कैंसर के कारण चबाने या निगलने में परेशानी होती है।

Disclaimer:

अगर आपको Mouth में इनमें से कोई भी Lakshan दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। ये Mouth Cancer Ke Lakshan (मुंह के कैंसर के लक्षण) हो सकते हैं। Hindi All India World इस लेख में बताए गए तरीकों, तरीकों और दावों की पुष्टि नहीं करता है। इन्हें केवल सुझाव के रूप में लें। किसी भी आहार / दवा / उपचार का पालन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

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